Thursday, 13 November 2014

सब्जी भाजी में आग लगी है



आज सुबह- सुबह मैं अपने पापा ले साथ Morning Walk  कर रहा था और हम यही discuss कर रहे थे की पुराने ज़माने में जिन चीजो में निवेश होता था वो आज भी कितनी काम की है और आगे आने वाले सालो में भी उनकी value बढ़ेगी ही ,घटेगी नहीं !

जैसे पहले के लोग जमीन खरीदते थे और पापा ने बताया की पहले के लोग अपने सोने  को जमीन में गाढ़कर  रखते थे ! जब हम बाते कर रहे थे तो मुझे एहसास हुआ की पहले लोग कोई MBA वगैरह नहीं करते थे फिर भी उनमे निवेश की कितनी समझ थी ! वो अपना निवेश इतनी बेहतरीन जगह करते थे की मंहगाई के घोड़े उन्हें छु भी नहीं पाते!  इसीलिए मंहगाई उन पर इतना असर नहीं करती जितना अब करती है! क्योकि उनके निवेश जहा उन्हें कम से कम 15-20% Return देते वही Inflation Rate तब भी Average 6-8% से  ज्यादा नहीं बढ़ता था और बातो ही बातो में ये Logic समझ आया की लोग अमीर,गरीब और मध्यमवर्गीय क्यों होते जा रहे है ?  दरअसल उनकी कमाई ही कम ज्यादा नहीं बल्कि उनके निवेश में भी जमीन आसमान का अंतर है ! जिन्होंने उन्हें अमीर और गरीब बनाया है !


सही भी है न यार, जब एक साल बाद जो पेट्रोल आप आज 100 रुपए में खरीदते हो उसी का दाम110 रुपए हो जायेगा! यानि उसमे 10% की वृदि होगी और तब भी आपके 100 रुपए आपको केवल 105 रुपए ही दिलाएगें तो वो Indirectly आपको अमीर बनने में नहीं बल्कि गरीब बनाने में अपना महत्वपुर्ण योगदान निभाएंगे !

 और तभी मुझे Investor's  का बनाया "THE RULE OF 72 REWRITTEN" सही लगने लगा !

जिसके अनुसार अगर आपके पास 1000 रुपए है और आप जानना चाहते है की वो 2000 कब बनेगे तो अपनी ROI (RATE OF INTEREST) को 72 से Divide कर दो !

Means IF,
  •    ROI is 4% :>   18  Years
  •    ROI is 10% :>  7.2 Years
  •    ROI is 15% :>  4.8  Years
  •    ROI is 20% :>  3.6  Years
अब समझ आया 1000 को 2000 बनाने में 18 साल भी लग सकते है और 3.6 Year भी और अगर मंहगाई ही  6-8% से बढ़ती रही और आपके सारे Return 4 % से तो आज नहीं तो कल आपका गरीब होना तय है!  

 
अब एक बच्चो वाली बात :----  

 आज से तक़रीबन 8 साल पहले Year 2006 में जब मैं खिचड़ी लाता था तो वो 7 रु/प्लेट थी जब की 2014 में वही खिचड़ी  20 रु/प्लेट हो गई ! अगर सभी चीजो में दाम इसी तरह बढ़े और आपका निवेश Insurance और बैंक खातों के Return की  तरह 4 % बढ़ा तो  मंहगाई आपको छुएगी ही !यहाँ बात 7 रु या 20 रु की खिचड़ी की  सोचकर Avoid मत करो क्योकि यहाँ Inflation 300% बढ़ा है वो भी केवल 8 सालो में !


मंहगाई ऐसे ही बढ़ती है और इसलिए हम कहते है की सब्जी भाजी में आग लगी हुई है! दरअसल ऐसा  इसलिए है क्योकि हम निवेश के प्रति जिम्मेदार नहीं है !





Wednesday, 5 November 2014

"बाप गलत या बेटा "


आज सुबह सुबह अख़बार में एक कहानी पढ़ी की एक पिता ने बहुत मेहनत करके अपना पेट काटकर अपने बच्चे को पढ़ाया लिखाया! उसकी खातिर अपना घर बार छोड़ा और आज उसी बच्चे ने उन्हें शहर में अकेले    किसी नौकर के भरोसे छोड़ विदेश में अपना घर बसा लिया! कहानी के अंत में लिखा था की पिता रोते हुए कहता है"जिसके लिए हमने संसार को छोड़ा आज वो ही बेटा हमे छोड़ गया! उसने ये तक नहीं सोचा की अब हम किसके भरोसे जिएंगे!
कहानी पढ़कर मुझे 2 महीने पहले अपने दोस्त राज के घर का वो Drama याद आ गया! जहाँ मैं एक मूकदर्शक बनकर खड़ा केवल ये विचार कर रहा था की आखिर गलत कौन है! मुझे याद आया की 2 महीने पहले ही तो राज के घर में भी यही तमाशा हुआ था और कुमार अंकल ( राज के पापा ) निराश होकर सोफे पर बैठे हुए थे!
 राज मेरे बचपन का दोस्त है और इसलिए मैं राज के घर के सभी लोगो को जानता हुँ! वैसे भी Nuclear Family  के ज़माने में घर में लोग होते ही कितने है! पति-पत्नी और बच्चे ( वो भी दो नहीं एक क्योकि आजकल का नया नारा है बच्चा  एक ही अच्छा या बच्ची एक ही अच्छी ) तो उन कुल मिलकर 3 लोगो के परिवार को मैं बड़े अच्छे से जानता था! कुमार अंकल एक बैंक में मैनेजर थे! आस पास भी उनका बड़ा रुबाब था! वही आंटी हाउसवाइफ तो थी मगर साथ ही कॉलोनी की कुकिंग एक्सपर्ट भी थी! पुरे एरिया में उनके जैसी कुकिंग कोई नहीं कर पाता और राज तो था ही शुरू से मास्टरमाइंड तो इस तरह पूरी फैमिली की कॉलोनी में एक अलग ही इमेज बनी हुई थी !

हाँ साल में 2-3 बार जरूर राज के घर में और भी लोग दिखाई देते! हां साल में 2-3 बार जरूर  राज के घर खूब धूम धड़ाका रहता या किसी साल,साल में 2 -3 बार शांति रहती! धूम धड़ाका तब होता जब गाँव से उनके घर कोई मिलने आता और शांति तब जब वो अपनी कार से गाँव रवाना हो जाते ! पूरी कॉलोनी को यही लगता की यही एक जोशीला परिवार कॉलोनी में रहता है !
लेकिन आज जब मैं राज के घर गया तो ऐसा लगा मानो सभी का जोश ठंडा हो गया है और सभी अभी-अभी लड़-झगड़कर Free हुए है! मुझे बड़ा आशचर्य हुआ क्योंकी राज तो कल ही 1 साल बाद घर वापस आया और उसके आने के बाद घर का ये माहौल वाकई आश्चर्यचकित करने वाला था ! राज तो वैसे भी पिछले 5 सालो से Mumbai में किसी MNC company में जॉब कर रहा था! और जिसके चलते वो साल में 6 महीने India में तो 6 महीने Foreign में रहता और इसलिए अब तो हमारे ग्रुप ने भी उसका नया नाम "आधा हिंदुस्तानी" रख दिया था!

राज के घर का माहोल बता रहा था की अभी-अभी लम्बी बहस खत्म हुई है और ये तूफान के बाद वाली शांति है! वैसे तो वो राज के घर का मैटर था मगर फिर भी मुझसे रहा नहीं गया और में Unty और uncle  को रोता छोड़ राज को लेकर उसकी छत पर आ आया और अंकल के इस तरह रोने का reason पूछने लगा ! पहले तो 10 Minute तक राज मूर्ति बनकर खड़ा रहा! फिर मैंने ही बाग़बान की स्टोरी चालू कर दी !
देख यार कुमार Uncle retired हो गए है ,अकेलापन महसूस करते होगे! वैसे भी तेरे बिना उनका है ही कौन ? बुढ़ापे में उनका धयान कौन रखेगा यही बाते उन्हें सताती होगी और फिर भी बहुत सी नसीहत मैंने राज को बिन मागे दे डाली !

पहले तो वो चुपचाप सुनता रहा मगर जैसे ही मैंने आखिर में उसे वापस आने को कहा या दूसरे Option  के रूप में Uncle-Unty को साथ ले जाने को कहा तो भड़क गया! कहने लगा  देख यार " मैंने पापा से कहा आप आराम  से यहाँ रहो! मैं आता जाता रहुगा! आप कहेंगे तो पैसे भी भेज दुगा! वैसे तो पापा की पेंशन भी बहुत है! तब भी अगर कहेंगे तो मुझे पैसे भेजने में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है! तू मानेगा नहीं मैने तो मम्मी के रोने पर यहाँ तक कहा की आप चलो मगर आप दोनों वहाँ बिलकुल भी रोक-टोक नहीं करोगे तो में वही अपने फ्लैट के पास आपके लिए भी कोई फ्लैट और नौकर का इंतज़ाम कर दुगा और10-15 दिनों में आता जाता रहुगा !
राज इतने ग़ुस्से में बोले जा रहा था की एक पल को तो में डर ही गया! फिर भी मैंने थोड़ी हिम्मत करके कहा "मगर राज, ये तो गलत है ना तू ही सोच, जो तू बोल रहा है क्या ये ठीक है ? मैने इतना कहा की वो दोबारा भड़क गया  ही चुप करते हुए बोला  "अरे तू चुप कर यार, तुझे नहीं पता ऐसा ही होता है,तू ही न जाने कौन सी दुनिया में जी रहा है! देख में जब छोटा था तो पापा की जॉब लगी!पापा गाँव से शहर आये उनके हिसाब से गाँव में रहने वाले मेरे दादा-दादी Old फैशन और पुराने ख्याल के थे! पापा के हिसाब से गाँव में कोई Scope नहीं था! इसलिए वो हमारी खातिर शहर आ गए मैंने भी मेरे दादा-दादी को कभी हमारे साथ रहते नहीं देखा! बस साल में दो तीन बार या तो हम चले जाते या वो आ जाते तो मजा आता! मगर अगर वो मेहमान की तरह चार दिन में न जाये तो मुझे क्या पापा तक को भी Problem हो जाती! गाँव जाते तब भी पापा मुझे बताते की हम Modern हो गए है! ये सब गाँव के देहाती है! तो मुझे तो बचपन से यही समझ आया की कामयाबी या बड़े जॉब या बिज़नेस के लिए बड़ी जगह आना चाहिए! साथ साथ पुराने रिश्ते तोड़कर नए रिश्ते बनाना चाहिए! ये मैने मेरे पापा से ही सीखा और जब उस वक़्त थोड़े Modern होने पर पापा  ही अपने पापा को नहीं झेलते और अपने साथ नहीं रखते तो आज Ultra Modern  होने पर आज मैं पापा के साथ नहीं रहना चाहता तो कौन सा पाप कर रहा हु! वैसे भी तो पापा हमेशा कहते रहते है! हमने अपना सारा जीवन तुम्हारी खुशियो पर ही कुर्बान किया है तो आज क्यों वो मुझे मेरी ख़ुशी के लिए अपने से दूर नहीं रहने देते ! मगर नहीं, जब से वापस आया हुँ!  बस पीछे पड़े हुए है वापस आ जा अब में रिटायर हो गया हु! मैं तो उनकी बाते सुन-सुनकर परेशान हो गया! मैंने तो साफ़ कह दिया मैं  नहीं आऊगा! Priya भी आना नहीं चाहती ! मैंने पापा से कहा भी की आप बोलो तो मैं हर महीने कुछ पैसे भिजवा दू ,नौकर Appoint  कर लो मैं उसका पेमेंट कर दुगा!  इतना कहा की पापा भड़क गए !




अरे इतना तो कर रहा हु आप ने तो कभी इतना भी नहीं किया होगा अपने पापा  के लिए बस इतना कहा की पापा को मिर्ची लग गयी! चिला-चिल्लाकर कर बोलने लगे! जा यहाँ से मुझे तेरी जरुरत नहीं!
 फिर तू आया तब सोफे में मुँह डालकर रोने लगे और मम्मी ने तो जैसे रोने में वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया है ! चार दिन के लिए आया था! यार सारा मूड Upset करके रख दिया अब दो दिन में ही जा रहा हुँ !

मुझे अब कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या बोलू और इससे पहले में कुछ सोच समझ पाता राज ही दोबारा बोल पड़ा !
चल तू ये सब छोड़ ये बता आज रात का तेरा क्या प्रोग्राम है ! विजय और विनोद को मैंने पार्टी के लिए बुलाया है! चल मिलकर पार्टी करते है ! वैसे भी कल Morning में मेरी Flight है !

पहले तो उसकी पार्टी की बात को सुनकर मैं अवाक् रह गया! फिर थोड़ी देर बाद मुझे वो भी थोड़ा सही लगने लगा ! जब उसके पापा  अपने Career के लिए अपने माँ-बाप को छोड़ सकते है! तो वो छोड़ रहा है तो उन्हें क्यों प्रॉब्लम हो रही है! उन्हें प्रॉब्लम की जड़ को आज नहीं 30 साल पहले पकड़ना था !

 हालांकि मैं आखिर तक decide नहीं कर पाया की आखिर राज और उसके पापा में गलत कौन है! हाँ मुझे इतना जरूर समझ आ गया की ये आज कल वापस आने वाला है राज के बेटे के रूप में मगर मैने अब उससे कुछ नहीं कहा और हम रात को पार्टी करने चलते है बोलकर वहा से चला गया!!
                                                                   

                                            

Saturday, 18 October 2014

New Born Baby Shut Down



सुबह सुबह की सैर बड़ी अच्छी और स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक होती है! यही सोचकर एक दिन में भी सुबह सुबह जल्दी उठ गया और सैर करने निकल पड़ा ! रास्ते  में मुझे मेरा दोस्त राज मिला!  राज बहुत ही खुशमिजाज और मस्त मौला बंदा है ! Last Year ही उसका Post  graduation complete  हुआ और अभी 6  महीने पहले ही उसने अपने दोस्त राहुल के साथ मिलकर कपड़ो का एक बड़ा सा शोरूम डाला था और अपने सभी दोस्तों को पार्टी  भी दी थी! जिसमे मैं भी शामिल था और राहुल से भी मैं पहली बार वही मिला था !
राहुल भी राज ही की ही तरह एक दम मस्त है! पार्टी में दोनों ही अपने नए बिज़नेस को लेकर काफी Excited थे! आखिर अपना बिज़नेस ये विचार ही हर एक को रोमांचित कर देता है !

लेकिन आज राज  का चेहरा लटक रहा था इसलिए मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उससे उसकी उदासी का कारण पूछा !

अरे कुछ नहीं यार बस बिज़नेस को लेकर Tension है अभी 6 महीने ही हुए है बिज़नेस को और ऐसा लग रहा है कि बंद करना पड़ेगा बहुत मेहनत  की यार मगर अब लगता है शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर है !इसलिए सोच रहा हुँ नुकसान उठाकर ही सही पर ये बिज़नेस बंद कर दु और कोई नया बिज़नेस डालू ! इस तरह राज ने एक ही साँस में मुझे अपने दुखी होने कारण बता दिया !

अरे मगर ऐसा क्या हुआ इन 6 महीनो में,जो तू  Business बंद करना चाहता है थोड़ा detail  में बता
हो सकता है मेरे पास कोई solution हो !

क्या बताऊ यार और ये बोलकर राज मुझे लगभग रोते हुए सब कुछ बताने लगा " यार तू तो जनता है राहुल और में कितने अच्छे दोस्त है! हम दोनों के ही मन में शुरू से था की अपना बिज़नेस करेंगे किसी की गुलामी नहीं करेंगे इसलिए post Graduation ख़त्म होने के तुरंत बाद हम दोनों ने एक बजट बनाया, कौन-सा बिज़नेस करना है वो decide  किया, Location  find out की और सामान खरीदकर अपना Business  start  कर दिया -

और क्या किया?  - मैने  आगे पुछा

और क्या बस फिर हम Business करने लगे मगर ज्यादातर पैसा तो हमारा शुरुआत  में ही ख़त्म हो गया ! बाकि इन 4 -5 महीनो में इसलिए अब हमारे पास Business बंद करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा !

Ohh.........  समझा, मैने  गहरी लम्बी साँस लेते हुए कहा

क्या, क्या समझा ? - राज ने जोर देते हुए पूछा

अरे दरसअल तुने जो मुझे बताया ज्यादातर New Born Baby Business इसी तर्ज पर शुरू होते हैऔर कुछ महीनो या सालो में बंद भी हो जाते है क्योकि वो बिज़नेस की असली प्लानिंग करना भूल जाते है  !




कैसी planning  : राज ने कहा

देख, तुम दोनों ने ये तो decide कर लिया की तुम दोनों आधा आधा पैसा लगाओगे और मुनाफे में भी बराबर का पैसा लोगे!

मगर इसके अलावा भी तुम दोनों को कुछ बातो का ख्याल  रखना था !

जैसे :

  • पहले तुम्हे अपने बिज़नेस की पूरी जानकारी निकालनी थी बेहतर होता की तुम एक छोटा सा Market Survey कर लेते जिससे Business में आने वाली परेशानी तुम्हे पहले से ही पता रहती और समय रहते तुम उनके उपाय भी  कर लेते !

  • काम को छोटे-छोटे भागो में बाँट लेते उसकी deadline final करते और तय सीमा में अपना काम पूरा करते !
  • एक बार काम को बाँट लेने के बाद अपने काम से काम रखते और दुसरो के काम में ज्यादा नुस्ख निकलने की कोशिश नहीं करते! आखिर तुम बिज़नेस करने बैठे थे एक दूसरे की बुराई करने नहीं ! 

  • अपने बजट को शुरू से इस तरह मैनेज करते की तुम्हारे पास कम से कम बिज़नेस शुरू करने के बाद भी 6-8  Month  की operating cost मौजूद होती ताकि पैसा न होने ही वजह से तुम्हे अपना Business  बंद करने की नौबत न आती !

  •  ये भी Calculate करते की आने वाले समय में और कौन-कौन से खर्च आयेगे और तुम्हारे Business को बाजार से रुपया कब और कितना कितना करके मिलेगा !
अरे मगर शुरू में इतनी माथा-पच्ची में पड़ते तो Business का Idea तो Mind में ही drop करना पड़ता -राज ने तर्क देते हुए कहा 

हाँ तूने सही कहा अगर तुम शरुआत में ही अपनी 6 month की operating Cost, अपने आने वाले खर्च, अपने दायित्व और सारे plan decide  करने बैठते तो तुम्हे तुम्हारा काम अपने बजट से बाहर का लगता और इस तरह तुम अपने Business के सपने से दूर हो जाते या शुरुआत से ही तुम्हे अपना हाथ तंग रखना पड़ता और तुम्हे मेहनत भी दुगनी करना पड़ती! और ऐसा नहीं करने की सूरत में अपने Business के विचार को तुम्हे अपने Mind  में ही drop करना पड़ता और इस तरह तुम्हारा मालिक बनकर बैठने और अपना काम करने का सपना भी ओझल हो जाता जो तुम दोनों ही नहीं चाहते थे !      

हाँ बिलकुल सही इसलिए तो हम इस माथा-पच्ची में पड़े ही नहीं -राज ने कहा
   
मगर राज सच तो ये है की इन दोनों ही सूरतो में तुम सच्चाई के एक दम करीब होते क्योकि ये सब सोचकर अगर तुम अपना Business  शुरू करते तो तुम्हे इसे आगे बंद करने की जरुरत ही नहीं पड़ती और अगर ये सोचकर तुम अपने बिज़नेस के Idea को Mind में ही drop कर देते ! तब भी तुम अपना समय और रुपये बचा लेते और दोनों ही सूरतो में तुम्हारी condition भी आज से बेहतर होती!

मैं,राज से और भी कुछ बोलना चाहता था मगर मेरी बात पूरी होने से पहले ही राज बीच में ही बोल पड़ा " अरे चल छोड़ यार ,अब क्या हो सकता है ! अब में सोच रहा हुँ एक दो महीनो में Online Marketing  का बिज़नेस शुरू कर दू! सुना है उसमे बहुत कमाई है !

अब में भी राज को और कुछ कहना तो नहीं चाहता था! मगर एक तो राज मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और ऊपर से मैने उसका नमक ( पार्टी में ) भी खाया था ! इसलिए मैने जाते जाते राज से कहा -"देख हो सके तो अपने Business  का एक बार Market  Survey  पूरी ईमानदारी से कर ले" उसके बाद कोई नया काम शुरू करना !

Market Survey  का नाम सुनते ही राज तुरंत बोल उठा "अरे नहीं यार उसमे तो जबरन ही 2-5 हज़ार रुपए और कुछ महीने ऐसे ही बर्बाद हो जायेगे !

अब मैं उसे कहना तो चाहता था की 5,00,000 Business में बिगाड़ने और एक साल बाद उसे भी बंद करने से तो अच्छा है की 5,000 लगाकर ईमानदारी से अपने Business का Market Survey कर ले! ताकि तुझे अगला Business  भी बंद न करना पड़े ! मगर राज के Expression मेरी बातो को सुनकर जो बन रहे थे उन्हें देख मैने आगे कुछ कहना मुनासिब नहीं समझा!      

आखिर मैं मुझे ही समझ आ गया की मेरी रामायण गाने का इस पर कोई असर होने वाला नहीं है! इसलिए मैं  उसे Bye बोलकर वहाँ से निकल गया  !






Saturday, 11 October 2014

“घर की मुर्गी दाल बराबर”



Hello Friends,

आज सुबह-सुबह न्यूज़पेपर में पढ़ा की Share Market गिरने वाला है और समझदारो ने निवेशकों को Market से दूर रहने की और सोने-चाँदी में निवेश करने की सलाह दी है! पढकर मुझे हँसी आ गयी!
मेरे दोस्त राज ने जब मेरे हँसने का कारण पूछा और मैने उसे वो Article बताया तो पहले तो उसे लगा की मै पागल हो गया हुँ इसलिए हर बात पर हँसता रहता हुँ! क्योकि उसके हिसाब से उस में हँसने जैसी तो कोई बात नहीं थी! फिर शायद उससे रहा नहीं गया होगा इसलिए उसने मुझसे पूछा की इस Article में हँसने जैसा क्या है? जब मैने उसे Explain करना चाहा की Investor अपना पैसे इसी वक़्त लगायेगे ताकि मात्र 1-2 सालो में उन्हें 20-25% का रिटेन मिल जाये तो मेरी बाते सुनकर राज हँसने लगा! कहने लगा अबे क्या फेकता है मै जानता था राज मेरी बात नहीं मानेगा!
वैसे भी कहते है न “घर की मुर्गी दाल बराबर” तो वो कैसे मान लेता की में सही बोल रहा हुँ!
खैर मैने बात को टालना चाहा और दूसरी बाते करने लगा मगर राज तो अड़ ही गया की में  उसे अपनी कही बात Prove करके बताऊ! मैने सोचा कैसे इसे 10 Minute में Investor और Traders  के अंतर के बारे में समझाऊ!
फिर सोचा नहीं बताया तो ये मेरी जान नहीं छोड़ेगा और मेरे बताने पर मेरी कही बात नहीं मानेगा! क्योकी में उसके लिए घर की मुर्गी हुँ ! वो मेरी बात नहीं समझेगा ये मानकर मैने उसे Google  महाराज की मदद से एक महान Investor के विचारो के बारे में बताया ताकि वो जान ले और मान भी ले !

तो आइये आप भी जानिए मैने  कैसे उस  Idiot को Google महाराज की मदद से समझाया !

                                                        

                                                     
                                    
Quote No.
वॉरेन एडवर्ड बफे के अनमोल विचार
1.
Never depend on single income. Make investment to create a second source.
एकल आय पर निर्भर कभी नहीं रहना चाहिये.दूसरा स्रोत बनाने के लिए निवेश करें.
2.
If you buy things you do not need, soon you will have to sell things you need.
: यदि आप उन चीजों को खरीदते हैं, जिनकी आपको जरूरत नहीं है तो शीघ्र ही आपको उन चीजों को बेचना पड़ेगा जिनकी आपको जरूरत है.
3.
It takes 20 years to build a reputation and five minutes to ruin it. If you think about that, you'll do things differently.
प्रतिष्ठा का निर्माण करने के लिए 20 साल लग जाते हैं और इसे बर्बाद करने में पांच मिनट. अगरआप इस बारे में सोचते हैं, आप अलग तरह से काम करेंगे.
4.
Do not save what is left after spending, but spend what is left after saving.
खर्च करने के बाद जो बचता है उसे न बचावें,लेकिन बचत करने के बाद बच जाता है उसे खर्च करें.
5.
I always knew I was going to be rich. I don’t think I ever doubted it for a minute.
मैं हमेशा जनता था कि मैं अमीर होने जा रहा था. मुझे कभी एक मिनट के लिए भी इस बात पर शक नहीं हुआ.
6.
Always invest for the long term.
 हमेशा लम्बी अवधि के लिए निवेश करें.
7.
Do not put all your eggs in one basket.
एक टोकरी में अपने सभी अंडे मत डालो.
8.
We simply attempt to be fearful when others are greedy and to be greedy only when others are fearful.
जब दूसरे लालची हो जाते हैं तो हम भयभीतरहते हैं, और दूसरे भयभीत रहते हैं तब हम लालची बन जाते हैं.
9.
Someone’s sitting in the shade today because someone planted a tree a long time ago.
कोई आज पेड़ की छाया में बैठा है तो इस वजह से कि किसी ने बहुत समय पहले ये पेड़ लगाया होगा.
10.
Only when the tide goes out do you discover who's been swimming naked.
केवल ज्वार-भाटा चले जाने के बाद ही पता चलता है कि कौन लोग नंगे तैर रहे थे.
11.
Never test the depth of river with both the feet.
दोनों पैरों से एक साथ नदी की गहराई का परीक्षण कभी नहीं करें.
12.
Honesty is very expensive gift. Do not expect it from cheap people.
ईमानदारी बहुत महंगा उपहार है. इसकी घटिया लोगों से उम्मीद मत करो.
13.
It’s far better to buy a wonderful company at a fair price than a fair company at a wonderful price.
एक शानदार कम्पनी को उचित कीमत पर खरीदना एक उचित कम्पनी को शानदार कीमत पर खरीदने से ज्यादा अच्छा है.
14.
Our favorite holding period is forever.
हमेशा के लिए - हमारी पसंदीदा होल्डिंग अवधि है.
15.
Rule No.1: Never lose money. Rule No.2: Never forget rule No.1.
नियम नम्बर 1: कभी पैसा मत गंवाइये. नियम नम्बर 2: कभी नियम नम्बर 1 मत भूलिए.
16.
The investor of today does not profit from yesterday’s growth.
आज का निवेशक गये हुए कल की बढ़त से फायदा नहीं कमाता.
17.
Risk comes from not knowing what you’re doing.
 रिस्क तब होता है जब आपको पता ही नही होता है कि आप क्या कर रहे हैं.
18.
Derivatives are financial weapons of mass destruction.
: डेरीवेटिव्स सामूहिक विनाश के वित्तीय हथियार हैं.
19.
A hyperactive stock market is the pickpocket of enterprise.
एक अति सक्रिय शेयर बाजार उद्यम के लिये जेबकतरा है.
20.
Price is what you pay. Value is what you get.
कीमत वो है जो आप भुगतान करतें हैं. मूल्य वो है जो आप प्राप्त करतें हैं.
21.
I don’t look to jump over 7-foot bars: I look around for 1-foot bars that I can step over.
मैं 7-फुट सलाखों के ऊपर से नहीं कूदता : मैं 1-फुट के आस-पास की सलाखों को देखता हूँ जिसे मैं पार कर सकूँ.
22.
I am a better investor because I am a businessman and a better businessman because I am an investor.
मैं एक बेहतर निवेशक हूँ क्योंकि मैं एक व्यापारी हूँ और एक बेहतर व्यापारी हूँ क्योंकि मैं एक निवेशक हूँ.
23.
We like to buy businesses, but we don’t like to sell them.
 हम कारोबारों को खरीदना चाहते हैं, लेकिन हम उन्हें बेचना नहीं चाहते हैं.
24.
It’s better to hang out with people better than you. Pick out associates whose behavior is better than yours and you’ll drift in that direction.
अपने से बेहतर लोगों की संगत करना अच्छा होता है. ऐसे सहयोगी बनाएं जिनका व्यवहार आपसे अच्छा हो, और आप उस दिशा में बढ़ जायेंगे.
25.
Time is the friend of the wonderful company, the enemy of the mediocre.
समय शानदार कम्पनियों का मित्र और औसत दर्जे की कंपनियों का दुश्मन होता है.

वॉरेन  बफे के अनमोल विचार बताने के बाद भी मुझे यकीन तो था की उसे सब कुछ तो समझ नहीं आया होगा! मगर आखिर में उसने जो कहा उसे एक बात तय थी की उसे सब कुछ न सही पर कुछ तो समझ आ ही गया है !
राज के अनमोल विचार: 

“यार घर की मुर्गी हमेशा दाल बराबर नहीं कभी- कभी खीर बराबर भी होती है” उसके इस अनमोल विचार पर हम दोनों को एक साथ हँसी आ गयी और मुहॅ में पानी भी आ गया !