राहुल और प्रिया की नई-नई शादी हुई और प्रिया जो अब तक अपने पापा के साथ अकेली रहती थी उसे राहुल का साथ पाकर एक पति के साथ ही एक परिवार भी मिल गया क्योकि जहाँ प्रिया के मायके में केवल उसके पिता थे वही राहुल का अपना पूरा हँसता खेलता परिवार था जिसमे उसके अलावा उसके मम्मी-पापा और एक छोटा भाई था ! वैसे तो राहुल का परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार था ! मगर फिर भी उसके घर में जरुरत की सारी चीजे मौजूद थी ! शुरुआत के दिनों में तो सबकुछ अच्छा चल रहा था और शुरू शुरू में जब कोई प्रिया की तारीफ भी करता तो राहुल को अपने आप पर गर्व महसूस होता! मानो इसका सारा श्रेय उसी को जाता हो जबकि जॉब और पैसा कमाने के चक्कर में वो इतना बिजी था की उसने अपने विवाह की सारी जिम्मेदारी अपने मम्मी-पापा को दे रखी थी ! हाँ लड़की फाइनल उसे करनी थी इसलिए वो केवल लड़की देखने जाता और अपनी शर्तो को हर लड़की के सामने रख देता! जैसी की शर्ते उसने प्रिया के सामने भी रखी थी! जिसे प्रिया ने सहर्ष स्वीकार कर लिया था और राहुल और प्रिया की शादी हो गयी!
शादी के कुछ दिन तो बड़े आराम से बीत गए मगर धीरे-धीरे साँस-बहु में हलकी फुल्की टकरार शुरू हो गयी जो वक़्त के साथ साथ बढ़ने लगी फिर तो ये रोज का ही सिलसिला हो गया अब या तो प्रिया मम्मी के बारे में कुछ कहती तो कभी मम्मी प्रिया पर ताना कासी करती! वैसे तो राहुल इन सब बातो पर कम ही ध्यान देता मगर जब धीरे-धीरे बात बिगड़ने लगी तो राहुल भी अब इन सब बातो से परेशान रहने लगा! जिसका सीधा असर उसके काम पर ऐसा पड़ा की अपनी Sales Team के Top Sales Person की गिनती में आने वाला राहुल पूरे महीने में एक से ज्यादा Sale नहीं कर पाया! राहुल की परेशानी अब उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी जिसे भापकर ही बॉस ने राहुल को रोककर साफ साफ कहा" यार राहुल क्या Problem अगर काम से Related कोई प्रॉब्लम हो तो बताओ और यार अगर तुम्हारी कोई पर्सनल प्रॉब्लम हो तो इसे जितना जल्द से जल्द हो सके सॉल्व कर लो !
फिर बॉस ने बड़े प्यार से राहुल के सर पर हाथ रखते हुए कहा याद रखो राहुल , हम सेल्स फील्ड में है यहाँ जो बेचता है उसी का सिक्का चलता है और सिर्फ उसी की इज्जत होती है तुम्हे भी इस बार किसी ने कुछ नहीं कहा तो इसका कारण भी तुम्हारा पिछले कई महीनो का बेस्ट परफॉर्मेंस है ! इतना बोलकर मुस्कुराते हुए राहुल के बॉस वहा से चले गए और राहुल भी अपना लटकता चेहरा लेकर घर लौट आया!
जब राहुल घर पंहुचा तब प्रिया अपनी सास के साथ बाजार गई थी और घर में केवल राहुल के पापा थे जो उस वक़्त सोफे पर बैठे-बैठे अख़बार पढ़ रहे थे ! राहुल भी ख़ामोशी से अपने पापा के पास आकर बैठ गया पापा की अनुभवी आँखो ने राहुल का चेहरा पढ लिया और फिर जैसे ही पापा राहुल के पास आए की राहुल एक छोटे बच्चे की तरह पापा के कंधे पर सर रखकर रोने लगा और रोते -रोते ही उसने ऑफिस में हुई सारी बाते और उसके दुखी रहने का कारण भी पापा को बता दिया!
"तू बुरा बन जा " पापा ने केवल इतना कहा और राहुल का माथा चूमकर वहा से चले गए ! रात भर राहुल पापा के "तू बुरा बन जा" इस वाक्य के बारे में सोचता रहा मगर उसे कुछ समझ न आया !
सुबह-सुबह जब राहुल ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था तभी किसी बात को लेकर वह प्रिया पर जोर-जोर से चिल्लाने लगा जिसे सुनकर राहुल के मम्मी पापा भी कमरे में आ गए ! पापा ने राहुल को चुप रहने का इशारा किया और प्रिया के सर पर हाथ फेरते हुए बोले "क्या हुआ बेटा "? क्या बात है ? मगर प्रिया ने कोई बात नहीं पापाजी केवल इतना कहा और खामोश हो गई!
अरे कुछ क्या नहीं एक काम भी टाइम पर नहीं करती दिनभर बैठी रहती है इस तरह राहुल, मम्मी पापा के सामने ही प्रिया पर चिल्लाने लगा और उसे ताने देने लगा! राहुल अभी प्रिया पर चिल्ला ही रहा था की मम्मी ने प्रिया का बचाव करते हुए राहुल को डाटना शुरू कर दिया !
" चुपकर राहुल, खुद तो हाथ से एक गिलास पानी तक नहीं लेता बेचारी प्रिया ही सबका ध्यान रखती है दिनभर सबकी सेवा करती रहती है और तू है की इसे ही ताने दे रहा है! मम्मी के मुख से अपने लिए ये बातें सुनकर प्रिया की आँखे भर आई जब की राहुल अब प्रिया को छोड़कर मम्मी से लड़ने लगा और बोला " मम्मी आप रहने दो प्लीज अपना काम करो जब देखो तब………………… और इससे पहले राहुल कुछ बोलता प्रिया जो अभी तक चुप-चाप होकर राहुल की डाट -फटकार और ताने सुन रही थी एक दम से जोर से चिल्ला उठी चुप रहो आप, जब देखो तब कुछ न कुछ बोलते रहते हो ,क्या बोल रहे हो ? किसके बारे में बोल रहे हो कुछ समझ भी आता है "ये मेरी माँ है",माँ , समझे अपनी सारी अफसरी अपने दफ्तर में छोड़कर आया करो ख़बरदार जो कभी मम्मी पापा से ऊची आवाज में बात की तो और इतना कहकर प्रिया अपनी सास के गले लगकर रोने लगी !
तभी पापा राहुल का हाथ पकड़कर उसे कमरे से बाहर ले आये कमरे से बाहर निकलते वक़्त राहुल ने अपने पापा की तरफ देखा तो वे मुस्कुरा रहे थे क्योकि उनके बेटे ने उनकी बात का मर्म जो समझ लिया था!
फिर बॉस ने बड़े प्यार से राहुल के सर पर हाथ रखते हुए कहा याद रखो राहुल , हम सेल्स फील्ड में है यहाँ जो बेचता है उसी का सिक्का चलता है और सिर्फ उसी की इज्जत होती है तुम्हे भी इस बार किसी ने कुछ नहीं कहा तो इसका कारण भी तुम्हारा पिछले कई महीनो का बेस्ट परफॉर्मेंस है ! इतना बोलकर मुस्कुराते हुए राहुल के बॉस वहा से चले गए और राहुल भी अपना लटकता चेहरा लेकर घर लौट आया!
जब राहुल घर पंहुचा तब प्रिया अपनी सास के साथ बाजार गई थी और घर में केवल राहुल के पापा थे जो उस वक़्त सोफे पर बैठे-बैठे अख़बार पढ़ रहे थे ! राहुल भी ख़ामोशी से अपने पापा के पास आकर बैठ गया पापा की अनुभवी आँखो ने राहुल का चेहरा पढ लिया और फिर जैसे ही पापा राहुल के पास आए की राहुल एक छोटे बच्चे की तरह पापा के कंधे पर सर रखकर रोने लगा और रोते -रोते ही उसने ऑफिस में हुई सारी बाते और उसके दुखी रहने का कारण भी पापा को बता दिया!
"तू बुरा बन जा " पापा ने केवल इतना कहा और राहुल का माथा चूमकर वहा से चले गए ! रात भर राहुल पापा के "तू बुरा बन जा" इस वाक्य के बारे में सोचता रहा मगर उसे कुछ समझ न आया !
सुबह-सुबह जब राहुल ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था तभी किसी बात को लेकर वह प्रिया पर जोर-जोर से चिल्लाने लगा जिसे सुनकर राहुल के मम्मी पापा भी कमरे में आ गए ! पापा ने राहुल को चुप रहने का इशारा किया और प्रिया के सर पर हाथ फेरते हुए बोले "क्या हुआ बेटा "? क्या बात है ? मगर प्रिया ने कोई बात नहीं पापाजी केवल इतना कहा और खामोश हो गई!
अरे कुछ क्या नहीं एक काम भी टाइम पर नहीं करती दिनभर बैठी रहती है इस तरह राहुल, मम्मी पापा के सामने ही प्रिया पर चिल्लाने लगा और उसे ताने देने लगा! राहुल अभी प्रिया पर चिल्ला ही रहा था की मम्मी ने प्रिया का बचाव करते हुए राहुल को डाटना शुरू कर दिया !
" चुपकर राहुल, खुद तो हाथ से एक गिलास पानी तक नहीं लेता बेचारी प्रिया ही सबका ध्यान रखती है दिनभर सबकी सेवा करती रहती है और तू है की इसे ही ताने दे रहा है! मम्मी के मुख से अपने लिए ये बातें सुनकर प्रिया की आँखे भर आई जब की राहुल अब प्रिया को छोड़कर मम्मी से लड़ने लगा और बोला " मम्मी आप रहने दो प्लीज अपना काम करो जब देखो तब………………… और इससे पहले राहुल कुछ बोलता प्रिया जो अभी तक चुप-चाप होकर राहुल की डाट -फटकार और ताने सुन रही थी एक दम से जोर से चिल्ला उठी चुप रहो आप, जब देखो तब कुछ न कुछ बोलते रहते हो ,क्या बोल रहे हो ? किसके बारे में बोल रहे हो कुछ समझ भी आता है "ये मेरी माँ है",माँ , समझे अपनी सारी अफसरी अपने दफ्तर में छोड़कर आया करो ख़बरदार जो कभी मम्मी पापा से ऊची आवाज में बात की तो और इतना कहकर प्रिया अपनी सास के गले लगकर रोने लगी !
तभी पापा राहुल का हाथ पकड़कर उसे कमरे से बाहर ले आये कमरे से बाहर निकलते वक़्त राहुल ने अपने पापा की तरफ देखा तो वे मुस्कुरा रहे थे क्योकि उनके बेटे ने उनकी बात का मर्म जो समझ लिया था!


No comments:
Post a Comment